हमारा बारे में
इतिहास
क्रिस्चि्यन ब्रौडकास्टिंग नेटवर्क भारत का काम है अपने अच्छे कार्यक्रमों के द्वारा प्रत्येक भार्तीय घर पर आशा का संदेश पहुँचाना। सी.बी.एन. इन्डिया का जनम 1995 में हुआ था। तब वह सी.बी.एन. मल्टीमीडिया प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी एक्ट (1956) के अधीन हैद्राबाद में स्थापित की गई थी। सी.बी.एन. इन्डिया ने टी.वी. के क्षेत्र में फ़्लाइंग हाउस नामक धारावाहिक के साथ पदार्पण किया। यह कार्यक्रम अक्तूबर 1995 मे डी.डी-2 पर प्रसारित किया गया था। तभी से सी.बी.एन. द्वारा अनेक कार्यक्रम निज देश में ही तैयार करके प्रसारित किए जा रहे हैं।
1997 ने कार्यक्रमों के स्तर में एक अदभुत उन्नति को देखा और उन के द्वारा एक प्रतिक्रिया भी सम्मुख आई। हमारा पहला धारावाहिक यीशु के जीवन पर आधारित था। जिसका नाम था दयासागर जो दूरदर्शन पर प्रसारित किया जाता था। फिर एक और कार्यक्रम आरम्भ किया गया जिसका नाम था सुपर बुक जो डी.डी-2 पर प्रसारित किया जाता था। उसके बाद जिस कार्यक्रम का प्रसारण शुरू किया गया था वह था 700 कल्ब का हिन्दी प्रसारण जो होम टी.वी. पर सप्ताह में 6 दिन प्रसारित किया जाता था। यह एक उपग्रह प्रसारण था। उधर फ्लाइंग हाउस ऐसा कार्यक्रम था जो निरन्तर अनेक भारतीय भाषाओं मे प्रसारित होता रहा है। आज सी.बी.एन. भारत के हर कोने में जहाँ टी.वी. उपलब्ध है वहाँ अनेक प्रकार के कार्यक्रमों के द्वारा जैसे नाटक, सच्ची जीवन गाथाएँ, संगीत और बच्चों के कार्यक्रमों के द्वारा पहुँचने का प्रयास कर रही है। ये कार्यक्रम विभिन्न भाषाओं मे प्रसारित किए जाते हैं। आज सी.बी.एन. द्वारा प्रसारित अनेक कार्यक्रम हैं, जो विभिन्न टी.वी.. नेटवर्क पर प्रसारित किए जाते हैं।
1998 में सी.बी.एन. ने मानवीय गतिविधियों द्वारा एक पृथक खण्ड ऑपरेशन ब्लेसिंग इन्डिया के रूप में स्थापित किया। ओ.बी.आई. का कार्य है कि दीन दुखियों और दरिद्रों के जीवन में आशा और सांत्वना प्रदान करना। अपनी स्थापना के समय से आज तक ओ.बी.आई. ने लगभग एक करोड़ लोगों के जीवन को अपनी शिक्षा, स्वास्थ्य तथा बोर वेल द्वारा पानी उपलब्ध कराने की योजनाओं के द्वारा छुआ है।
उद्देश्य
सी.बी.एन. इन्डिया का मुख्य उद्देश्य यह है कि मानवीय सहायता करके मीडिया के द्वारा यीशु का सुसमाचार को दुनिया के छोर तक फैलाना।
भविष्य योजना
सी.बी.एन. की भविष्य की कल्पना में यही योजना है कि इस कार्यक्रम के द्वारा भारत को लोगों के दिलों को छू कर उन्हें यीशु के लिए जीत लेना।
मिशन
सी.बी.एन. का मिशन यही है कि वह अपने कार्य को इस रूप से सम्पन्न करें कि अपने ध्येय में कामयाब हो जाएँ।
नई प्रक्रियाएँ
हम इस खोज में लगे रहते हैं कि नई से नई प्रकिय़ाओं के द्वारा नए से नए मार्गों को खोज निकाले जिससे अपने मिशन को पूरा कर सकें।
श्रेष्ठता
श्रेष्ठता प्राप्त करने के लिए हम ऊँचे स्तर पर कार्य करें जिससे हम अपन सर्वोत्तम प्रयास दे सकें और प्रेरणा पाकर असाधारण रीति से अपने कार्य को पूरा कर सकें जिससे एक अदभुत फल पा सकें।
ईमानदारी
हम अपने उद्देश्य, काल्पनिक भविष्य की योजनाओं, और ध्येय के प्रति ईमानदार रहें। हम विश्वास करते हैं कि यदि हम अपने वायदे पर कायम रहें और ईमानदारी से कार्य करें और हमारा हर प्रयास हमारे चरित्र को लोगों के सामने प्रकट कर सके।
टी.वी. निर्माण कार्य
सी.बी.एन. ने भार्तीय टी.वी. में एक कार्यक्रम फ्लाईंग हाउस के साथ अक्तूबर 1995 में दूरदर्शन चैनल 2 पर किया था। तब से सी.बी.एन. ने पीछे मुड़ कर नहीं देखा है वरण तब से उसने अनेक भारत में निर्मित्त का प्रसारण किया है। 1997 वह साल था जब लोगों ने अपने कार्यक्रमों के द्वारा लोगो में हलचल मचा दी थी।
हमारा पहला धारावाहिक यीशु के जीवन पर आधारित था। जिसका नाम था दयासागर जो दूरदर्शन पर प्रसारित किया जाता था। फिर एक और कार्यक्रम आरम्भ किया गया जिसका नाम था सुपर बुक जो डी.डी. 2 पर प्रसारित किया जाता था। उसके बाद जिस कार्यक्रम का प्रसारण शुरू किया गया था वह था 700 कल्ब का हिन्दी प्रसारण जो होम टी.वी. पर सप्ताह में 6 दिन प्रसारित किया जाता। फिर एक और कार्यक्रम आरम्भ किया गया जिसका नाम था दृष्टान्त जो डी.डी. 1 पर प्रसारित किया जाता था जो यीशु के जीवन पर आधारित था। पहले साल में निर्माता खण्ड ने कार्य करने के लिए पहली नौकरी दी थी। और 2004 तक सी.बी.एन. में केवल 13 कार्यकर्ता थे। पर आज उन्होंने कार्यकर्ताओं की सूची में एक लम्बी उछाल भर ली है। उन में से हर एक अपने काम के प्रति कर्त्तव्य निष्ठ हैं और अपनी प्रतिभाओं का पूरा-पूरा प्रयोग करते हैं जिससे उस कार्य को पूरा कर सकें जो यीशु मसीह ने उनको सौंपा है।
सी.बी.एन. का अपना निज का एक स्टूडियो है जो सी.बी.एन. के कार्यालय से केवल 25 कि.मी. दूर है जिस का उद्घघाटन सन 2000 में हुआ था। निज का स्टूडियो होने के कारण हमें अपने द्वरा निर्मुत्त कार्यक्रमों में सुधार लाने में बहुत सहायता मिली है। उसी साल हमने युवाओं के लिए एक संगीत के कार्यक्रम का अंग्रेज़ी में प्रसारण शुरू किया था जिसका नाम वन क्यूब्ड था। तथा तमिल में था एक कार्यक्रम शुरू किया जिसका नाम था थिरुप्पुमाय। 2001 में डी.डी. 1 पर एक सीरियल का प्रसारण हुआ था जिसका नाम दृष्टान्त था। यह सीरियल यीशु के जीवन पर आधारित था। उसके बाद शुरू हुआ था प्रसारण तेलेगु कार्यकम निरीक्षणा और हिन्दी कार्यक्रम एक नई सुबह।
खुशी की दुनियाँ जो एक बच्चों का कार्यक्रम है उसका प्रसारण 2005 के फरवरी मास में हुआ था। और उसी वर्ष सितम्बर महीने में कार्यक्रम एक नहीं जिन्दगी का प्रसारण भी शुरू किया गया था।
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