संसार में प्रसारित होने वाले लगभग सभी बच्चों के कार्य़क्रम हिंसा, खेलों तथा सूपर हीरोज़ से परिपूर्ण होते हैं। पर सी.बी.एन. ने बच्चों का एक ऐसा कार्यक्रम बनाया है जिसमें बच्चों की मासूमियत झलकती है। यह एक ऐसा कार्यक्रम है जो नैतिक मूल्यों से परिपूर्ण है। वह बच्चों को जीवन की राह में अन्त तक दृड़ता से खड़ा रहना सिखाता है। खुशी की दुनिया का प्रसारण 4 फ़रवरी 2005 को आरम्भ हुआ था। यह कार्यक्रम तो मसीही प्रचार की नींव के समान है। 4 से 14 वर्ष के बच्चों का यह कार्यक्रम जिसका नाम खुशी की दुनिया है, मनोरंजक, शिक्षाप्रद, आकर्षक तथा मन को लुभाने वाला है। बच्चों के लिए तो यह एक मंच भी है, जहाँ पर वे अपने विचार, भावनाएँ तथा प्रतिभाओं को प्रकट कर सकते हैं। साथ ही साथ मसीह नैतिक मूल्यों को भी सीख सकते हैं, जो जीवन भर उनके मार्ग का दीपक बन कर उन्हें जीवन का सही मार्ग दिखाते रहेंगे।
इस कार्यक्रम की प्रस्तुतकर्ता श्रिया शुक्ला दीदी और जे.जे. खुश अर्थात मपेट कुत्ता हैं। इस कार्यक्रम की कहानी हर सप्ताह किसी न किसी न किसी नैतिक मूल्य पर निर्धारित होती है। यह कार्यकर्म निम्न भागों में बँटा हुआ है।
सीख टाइम – यह समय होता है कहानी का। दीदी के पास अनेक अदभुत तरीके हैं जिन के द्वारा वह बच्चों को इन विशेष कहानियों के द्वारा कुछ सीखने की प्रेरणा देती हैं। सो हम कार्यक्रम को ध्यान से देखें और यह जानने का प्रयास करें कि हम उस कहानी से क्या सीख सकते हैं।
डॉक्टर खोज - डॉक्टर खोज तो चलता फिरता ज्ञान और “अमेज़िंग फैक्ट्स” अर्थात अदभुत कटु सत्यों का खज़ाना हैं। वह एक विशेष पात्र हैं जो संसार के अनेक स्थानों पर जाकर वहाँ के कटु सत्य खोज कर लाते हैं और बच्चों को बताते हैं, जो बहुत ही ज्ञानवर्धक होते हैं।
ज्ञान क्षेत्र - कल्पना करें कि आप संसार के भिन्न स्थानों की यात्रा कर रहे हैं और सीख रहे हैं कि वहाँ पर किस प्रकार का सामान बनता है और वह किस प्रकार तैयार किया जाता है। और यह भी जान सकें कि वहाँ पर कार्य किस प्रकार किया जाता है। है न मज़े की बात। ज्ञान क्षेत्र तो उस जादुई कालीन के समान है जो आप को जगह-जगह ले जाता है और बहुत कुछ सीखने में आपकी सहायता करता है। और आप के वे सब नई-नई बातें बताता है जिन्हें आप जानना और सीखना चाहते हैं।
जे.जे. से मिलें – अब समय आ गया है कि आप जे.जे. से मिलें जो हमारे नए कला टाइम के मित्र और प्रस्तुतकर्ता हैं। जे.जे. के साथ आप मौज मस्ती के समय का मज़ा ले सकते हैं। इसके लिए आपको अपनी कैंची, पेनसिल, गोंद और चित्र में भरने वाले रंगों की आवश्यकता होगी जिससे आप अपनी बनाई नई कलकृति को और भी सुन्दर बना सकें।
जैम क्लब - मैं नहीं सोचती कि आप को जैम क्लब के लिए किसी परिचय की आवश्यक्ता होगी आह-हा-हा। पर मैं केवल नए लोगों की जानकारी के लिए बताउँगी कि जैम क्लब क्या है। जैम क्लब कार्यक्रम का वह समय है जीसस एण्ड मी अर्थात यीशु से मुलाकात का समय होता है। इस समय में आप को यीशु के द्वारा दिए गए हुनर का प्रदर्शन किया जाता है, जैसे चित्रकला, शिल्पकला, कविता रचना आदि जो बच्चों द्वारा भेजे जाते हैं। कार्यक्रम के इसी खण्ड में दीदी बच्चों द्वारा लिखे पत्रों के उत्तर भी देती हैं। आप इन सब कलाकृतियों को सूचना पट पर देख सकते हैं। शाबाश ! जैम क्लब के सदस्यो हमें आप पर गर्व है। हमें आप जैसे प्रतिभाशाली बच्चों और मित्रों ही की आवश्यक्ता है!!!
ज़रा सम्भल के – इसका अर्थ है कि सावधानी से चलें। नाम से ही आप समझ गए होंगे कि यह कार्यक्रम सुरक्षा के नियमों का पालन करना सिखाता है। यह कार्यक्रम आप को विशेषकर यह सिखाता है कि जब आप अपने आप कोई काम कर रहे हैं तो आप को कौन सी सावधानी बरतनी चाहिए और कार्य करते समय किन चीज़ों से बच कर रहना आवश्यक है!!!
खुशी की दुनियाँ कार्यक्रम दर्शकों में बहुत ही लोकप्रिय है जिसमें बच्चों का सहयोग भी उल्लेखनीय है। इस कार्यक्रम को अपनी उत्तम स्तर का होने पर गर्व है। और यह भारत में बनें सभी टी.वी. कार्क्रमों में सर्वोत्तम माना जाता है। इस कार्क्रम का प्रसारण सोनी टी.वी. पर हर शनिवार शाम 6.00 बजे से 6.30 बजे तक और रविवार को सवेरे सब टी.वी. 8.30 बजे तथा रात 9.00 बजे प्रसारित किया जाता है।
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