तिरुप्पुमुनै – एक साप्ताहिक तमिल कार्यक्रम
तिरुप्पुमुनै का अर्थ है, “परिवर्तन का समय।” यह कार्यक्रम तमिल दर्शकों को समर्पित है। तमिल जन जाति को बताता है कि किस प्रकार केवल यीशु पर विश्वास करने से जीवन बदल जाता है। 30 मिनट का यह कार्यक्रम सन 2000 से 230 लाख लोगों तक हर सप्ताह पहुँचता है और अनेक दुखी और टूटे हृदयों तक यीशु का प्रेम और सुसमाचार को पहुँचाता है। वह आशाहीन लोगों को आशा प्रदान करता है।
निरीक्षणा कार्यक्रम के समान यह कार्यक्रम भी प्रतिदिन की समस्याओं को जैसे आत्महत्या, विवाह, बिमारी तथा जिन के जीवन में अनेक समस्याएँ एक साथ गुथीं हुई है, उन्हें वास्तविक लोगों के निज के अनुभवों को तथा उनके संघर्ष को दिखा कर उनकी विजय के विषय में बताया जाता है जो उन्होने यीशु के अनुग्रह से प्राप्त की हैं। इस मंच पर प्रतिष्ठित लोगों को भी आमन्त्रित किया जाता है और उनके सुझाव तथा आम आदमी के विचार एक ही मँच से सुनने को मिलते हैं। जो ओ.बी.आई. की मानव कार्य सेवा के विषय में होते हैं। इस कार्यक्रम में अनेक दर्शक अपनी प्रार्थना निवेदन तथा सलाह मशवरे के लिए फोन पर सम्पर्क करते हैं।
तिरुप्पुमुनै कार्यक्रम में भी प्रार्थना के लिए कुछ विशेष समय होता है तथा यीशु को अपना उद्धारकर्ता ग्रहण करने की बुलाहट भी की जाती है। इसके बाद परमेश्वर की स्तुति के मधुर गीत गाए जाते हैं जो मसीही गायकों की पेशकश होते हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य है उन तक पहुँचना जिन तक यीशु मसीह के प्रेम का संदेश नहीं पहुँचा है। इस कार्यक्रम के द्वारा परमेश्वर ने अनेक जीवनों को छुआ है और लोगों ने अपनी प्रार्थनाओं के उत्तर पाए हैं।
तिरुप्पुमुनै के प्रस्तुतकर्ता
तिरुप्पुमुनै के प्रस्तुतकर्ता हैं कुमार पक्रीसामी जो अपौस्टोलिक क्रिसचन असेम्बली चिन्नई के पास्टर हैं। जिसमें 15,000 से भी अधिक सदस्य हैं। वे उत्तरी भारत मिशन के निर्देशक भी है जो भारत में 30 भिन्न स्थानों पर स्थित हैं।
इस सप्ताह तिरुप्पुमुनै में
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