जीवन जल कार्यक्रम
पानी के बिना जीवन के विषय में सोचा भी नहीं जा सकता है। इस मूल आवश्यक्ता को पूरा करने के लिए करोड़ों लोग घंटों संघर्ष करते है कि किसी प्रकार कुछ बर्तन पानी भर सकें। पुरुषों को कई मूल्यवान घंटे इस कार्य को करने में बिताने पड़ते हैं, वह समय जिसे वह एक अच्छी कमाई करने के लिए प्रयोग कर सकते थे। महिलाएँ भी मीलों दूर अपने बच्चों को गोद में उठाए पानी भरने जाती है चाहे कितनी भी कठिन राह क्यों न हो। बच्चों को भी अपनी शिक्षा के सपनों की आशा तोड़नी पड़ती थी क्योंकि उन्हें भी पानी भरने जाना पड़ता था।
यू.एन. की रिपोर्ट के अनुसार 95 लाख लोगों के पास साफ पानी नहीं पहुँचता है। हज़ारों गावों में दो मील दूर तक पानी नहीं मिलता है। भारत के गाँव में रहने वाले गन्दे पानी से ही सन्तुष्ट होकर रह जाते हैं। चाहे वे कुएँ, झीलें, नदिएँ और तालाब हों। ये ही पेचिश, टायफायड, और खूनी पेचिश जैसे रोग जो भारी मात्रा में बच्चों और बूढ़ों की मृत्यु का कारण हैं। भारत में हर साल गन्दा पानी पीने के कारण लगभग 10 लाख बच्चे मारे जाते हैं।
साफ पानी लोगों तक पहुँचाने की चुनौती को ले कर लिविंग वॉटर संस्था और ओ.बी.आई. ने मिल कर एक नया प्रौजेक्ट शुरू किया जिसका नाम था लिविंग वॉटर प्रौजेक्ट। आज तक जिन राज्यों में लिविंग वॉटर संस्था कार्यशील है, उनके नाम हैं आन्ध्रा प्रदेश, उड़ीसा, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट, कर्नाटका, तमिल नाडु, झारखण्ड, मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात, और केरला। फिर भी, यह हमारे कार्य क्षेत्र का एक छोटा सा भाग है जो हज़ारों लोगों तक साफ पानी पहुँचाने के लिए हम ने अब तक किया है जिससे लोगों की साफ पीने के पानी की आवश्यक्ता को पूरा कर सकें।
ओ.बी.आई. नें एक-एक कर के अनेक गाँवों लिविंग वॉटर प्रौजेक्ट के द्वारा सारे भारत में 681 बोर वेल खोदे हैं जो 1 दिसंबर 2008 तक 2,24,250 से भी अधिक लोगों के लिए हितकारी सिद्ध हुए हैं।
New bore well ends Sunitha’s worries
Every morning is the same old routine for Sunitha. The crowing roosters and clucking hens make sounds outside her hut and...
धारम्मा
55 वर्ष की धारम्मा और उसका पति नरसिंगु जो 60 वर्ष का है, वे आँध्र प्रदेश के करीम नगर ज़िले के वेंकटपुर गाँव के रहने वाले...
एक बोरवेल ने मनिकयम्मा को बोझ को हलका कर दिया
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पुष्पलता को मुस्कराने का कारण मिला
लक्ष्मापुर लगभग 150 पिरवारों के लिए घर है। यह छोटा सा गाँव जो आँध्र प्रदेश के नालगौण्डा ज़िले में तुंगातुरुथी से 9 कि.मी. दूर...
Obediah – brings in blessings
Obediah hardly knew of the blessing he would be to the entire village of Bukyathanda...
नरसावा की एक चिन्ता कम हुई
1200 जनसंख्या का गाँव तिम्मापुर, आँध्र प्रदेश के करीमनगर ज़िले का एक दूर अन्दाज़ गाँव है जहाँ से किसी भी स्वस्थ्य सेवा के लिए कम से कम 12 कि.मी. जाना पड़ता है जो येल्लारिपेटा में...
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