गैस लीक खतरनाक क्यों हैं ?
यदि आप ने किसी विस्फोट के विषय में सुना होगा तो आप जानते है कि वहाँ उस घर पर क्या हुआ था। तब आप अनुभव कर सकते हैं कि वह कितना खतरनाक हो सकता है। सो आईए हम गैस के लीक होने के कारणों पर ध्यान दें। अधिकतर हम जान जाते हैं कि गैस लीक कर रहा है क्योंकि उसमें से सड़े हुए अण्डों की सी गन्ध निकलती है। यह गन्ध कार्बन हायड्रॉक्सिन में मिलाई जाती है जिससे लोगों को सूचित किया जा सके कि गैस लीक हो रही है। प्रश्न उठता है क्या एक गैस लीक किसी की जान ले सकती है? इसका उत्तर है हाँ, यदि अधिक मात्रा में गैस लीक हो जाती है तो वह मृत्यु का कारण भी बन जाती है।
कई घरों में प्राकृतिक गैस का प्रयोग किया जाता है जिससे गैं के स्टोव तथा पानी गरम किया जाता है। आज कर बहुत से नए उपकरण भी बनाए जा चुके हैं जो प्राकृतिक गैस से चलते हैं। जब प्राकृति गैस का सही रूप से प्रयोग किया जाता है तब वह बहुत कम उष्मा पैदा होती है। जो लकड़ी, कोयला या तेल जलाने से उत्पन्न होती है। प्राकृतिक गैस का प्रयोग इस लिए किया जाता है क्योंकि उसे बहुत कम मात्रा में उसका प्रयोग करने पर भी वह बहुत गर्मी उत्पन्न करती है। बहुत अधिक ज्वलन्त सामर्थ रखने के कारण प्राकृतिक गैस के लीक हो जाने से आग लगने का खतरा बढ़ जाता है जो बहुत जल्दी से फैल जाती है। बिजली की एक छोटी सी चिंगारी आपके पूरे घर में आग लगा सकती है।
यदि आप गैस की गन्ध का अनुभव करते हैं तो तुरन्त हर काम को छोड़ दें। ध्यान रहे ऐसे में कोई भी बिजली का उपकरण न चलाएँ। घर से बाहर निकल जाएँ क्योंकि अधिक मात्रा में साँस द्वारा गैस को शरीर के अन्दर ले जाना खतरनाक हो सकता है। इस से कई बार दम घुटने लगता है और लोग बेहोश हो जाते हैं, क्योंकि शरीर में पर्याप्त मात्रा में ऑकसीजन नहीं जाती है। अनेक बार यह मृत्यु का कारण बन जाती है। बेहोशी के पहले लक्षणों में थकान और छाती में पीड़ा हो सकती है।
जब कभी गैस का प्रयोग किया जाता है तब अनेक बार कार्बन मोनोक्साइड का रूप ले लेती है क्योंकि वह पूरी तरह जल नहीं पाती है। यह मुख्यत: तभी होता है जब गैस का उपकरण सही रीति से नहीं लगा होता है या फिर हवा का आवागमन ठीक से नहीं होता है। क्योंकि जहाँ पर हवा में अधिक कॉर्बन मोनोक्साइड पाई जाती है वहाँ ऑकसीजन की मात्रा कम पाई जाती है। इस में भी मृत्यु हो जाने का भय बना रहता है। रिपोर्ट बताती हैं कि यू.एस.ए. में लगभग 500 लोग नियमित रूप से अनजाने में कॉर्बन मोनोक्साईड की ज़हरीली गैस के कारण मारे जाते हैं।
(संदर्भ – रोग नियन्त्रण तथा बचाव केन्द्र के सौजन्य से)
गैस लीक की समस्या के कारण, एक यन्त्र उपकरण का प्रयोग किया जाता है जिसका नाम है,
कॉर्बन मोनोक्साइड डिटेक्टर। इस उपकरण के द्वारा पता लगाया जा सकता है कि कितनी मात्रा में गैस घर के वातावरण में है। यह उपकरण आप को चेतावनी देता है कि आप के घर में कार्बन मॉनोक्साइड की मात्रा का स्तर उस सीमा तक पहुँच चुका है जिससे घर को खतरा हो सकता है। यदि आप घर पर गैस का स्टोव इस्तेमाल करते हैं तब आप के घर में दस लाख के लगभग प्राकृतिक गैस का पाँच से पन्द्रह भाग आप के घर के वातावरण की हवा में पाई जाती है। यह मात्रा यदि दस लाख प्राकृतिक गैस के 30 भाग तक पहुँच जाए तो खतरनाक सिद्ध हो सकती है। तब जान लें कि आप का स्टोव ठीक नहीं है।
आप कैसे पता लगाएँगे कि आपके घर में गैस का स्तर सुरक्षित है? आप एक प्राकृतिक गैस डिटेक्टर खरीद सकते हैं या फिर एक कॉर्बन मॉनोक्साइड डिटेक्टर खरीद सकते हैं। इन दोनों में एक खतरे की घंटी होती है जो गैस का स्तर सामान्य स्तर से ऊँचा जाते ही बजने लगती है। इसके साथ-साथ बहुत ही आवश्यक है कि हम अपने घरों में हवा के आवागमन का अच्छा प्रयोजन रखें जिससे कॉर्बन सॉनोक्साइड की ज़हरीली गैस के प्रभाव से बच सकें। और जैसा कि बताया गया है एक कॉर्बन सॉनक्साइड डिटेक्टर अवश्य खरीद ले जिससे समय पर चेतावनी की घंटी सुन कर अपना बचाव कर सकें।
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