आत्मिक जीवन पुरालेख
वह जो हमें प्रतिष्ठित करता है
सैमुएल का परमेश्वर के भवन में एली के अधीन कार्य करने के लिए अभिषेक किया गया था। एक बालक के रूप में ही सैमुएल ने परमेश्वर की आवाज़ को सुना था और तुरन्त उस पर विश्वास करके आज्ञा का पालन किया था। जैसे-जैसे वह बड़ा हुआ परमेश्वर उसके...
सीमा से पार जाना
यीशु ने अँधों की आँखें खोल दी थी. कोढ़ियों को चंगा किया था और लंगड़ों को खड़ा करके चलाया था। उसने 5000 लोगो को केवल 5 रोटियों और 2 मछलियों के द्वारा भोजन खिलाया था। उसने पानी को दाखमधु बना दिया...
ठूँठ से कोपल फूटना
क्या किसी ठूँठ से कुछ अच्छा निकल सकता है ? आप चारे कितने भी पुराने ठूँठ क्यों न हों परमेश्वर आप में से एक फलवन्त डाली उपजा सकता है। तब परमेश्वर एक नई शुरूआत का वायदा करता...
सम्पूर्ण और बाधा रहित
किसी भी मनुष्य के जीवन में सबसे कठिन कार्य होता है अपनी किसी भी वस्तु को अपने से दूर करना या उसे किसी को दे देना। यह बात उस समय और भी कठिन हो जाती है जब वह चीज़ केवल आपकी हो और बहुत ही बहुमूल्य होती है। उस समय दिल में एक लड़ाई...
To Believe in Nonsense
The women brought a message for them. They were numb with fright for they had seen something they could never dream about or understand. Having seen and heard angels speak to them, they couldn’t hold this news to themselves any...
Divinely Warned
Noah prepared for things not yet seen… In his time there was no need for an ark. Anyone else in his place would have scoffed even at the thought of a flood and the destruction of the world. But Noah didn’t do that. God had not...
अविश्वास में खोया हुआ
यीशु उनके सामने खड़ा था। परमेश्वर मनुष्य रूप धारण करके वहाँ था। उसके पास सारी सामर्थ थी। उसने अनेक स्थानों पर चकमत्कार भी किए थे फिर भी जब वह अपने गाँव में आया जहाँ का वह था उन्होंने उसे ग्रहण नहीं किया। वरण उन्होंने पूछा, यह...
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