आत्मिक जीवन पुरालेख
परमेश्वर पर विश्वास करना भला है
मनुष्य चाहे अपनी सफलताओं पर कितनी भी शेखी मार ले। या हम सोच ले कि यह व्यक्ति इतना आगे बढ़ चुका है कि उसे परमेश्वर की ज़रूरत नहीं है। हम अपनी नौकरी पर भरोसा रखते है कि वही हमें सम्भालेगी और हमारी आर्थिक ज़रूरतों को पूरा करेगी। पर...
लौटा देना
ज़कई को उन लोगों के पास दुबारा जा कर वह पैसा लौटाना था जिन से उसने धोखे से पैसा कमाया था। ऐसा करने के लिए बड़ा हौसला चाहिए होता है। जब लोग यहुन्ना बपतिस्मा देने वाले के पास आकर पूछते...
प्रेम जो मार्गदर्शन करता है
पूर्व देश से आए मजूसी बहुत दूर की यात्रा करके यीशु को देखने आए थे। यीशु को देखने के बाद जब वे अपने देश वापस जा रहे थे परमेश्वर ने उनकी यात्रा की योजना में रुकावट डाली थी। एक बड़े परिवर्तन की आवश्यक्ता...
प्रेम निर्माण और उन्नति करता है
क्या आप किसी ऐसे व्यक्ति से मिले हैं जो सब कुछ जानता है ? दूसरे लोग चाहे कुछ भी कहें उनका विचार या या शब्द आखरी होना चाहिए। उनकी सलाह सर्वोत्त्म होनी चाहिए .. वे इस बात पर विचार भी नहीं कर सकते हैं कि किसी की सलाह उन से भिन्न हो ...
दौड़ते रहो पर आज्ञाओं को भी मानते रहो
काम के पहले दिन, हम सब पूरी सामर्थ और उत्साह से काम करने के लिए तैयार होते हैं। तब हम सोचते हैं कि हमारा जोश हमें मीलों का रास्ता पास करने में सहायक होगा। कुछ हफ्ते बाद हम कुछ ऐसा देख लेते हैं जब हमारा जोश ठण्डा पड़ जाता है और यह...
हम पर ठहराया गया है
आत्मिक क्षेत्र कुछ ऐसा हुआ जब परमेश्वर के दास यहोशु ने परमेश्वर के विरुद्ध पाप किया था। यह पाप उसके और परमेश्वर के बीच दीवार बन गया था। इस लिए शैतान को अवसर मिल गया यह कहने का, “कि यहोशु अनुग्रह और क्षमा के योग्य नहीं...
अपने आप को मान्यता देना बहुत ही कठिन होता है विशेषकर जब अपने में कमिया और त्रुटियाँ पाई जाती हों। हम निरन्तर अपने तुलना दूसरों से करते रहते हैं जो हम से अधिक योग्य और सक्षम होते हैं।...
प्राणों का परिश्रम
हम ऐसा समय में जी रहे है जब माता पिता विलाप करके कहते हैं कि बच्चे बड़े करना व्यर्थ है क्योंकि वे बड़े होकर अपनी राहों पर चलते हैं और उन्हें माता पिता की कोई चिन्ता नहीं होती है। ये बड़ा ही स्वार्थी समय है जहाँ पर योग्यता अनुसार...
पर उन्होंने सन्देह किया था
यीशु जी उठे थे। उन्होंने रोटी तोड़ कर अपने चेलों को दिखाया था कि उसके विषय में की गई मृत्यु और जीउठने की भविष्यवाणियाँ पूरी हो गई हैं। वह उसके साथ चला फिरा, उनसे व्यक्तिगत रूप से मिला, उन्हें अपे घाव भी दिखाए....उस ने वह सब कुछ...
परमेश्वर से सम्पर्क
प्रार्थना की शक्ति अदभुत है। प्रार्थना स्थान या परिस्थिति के बन्धन से परे है। प्रार्थना वह अदृष्य सम्पर्क है जो हमारे और परमेश्वर के बीच बन जाता है। और परमेश्वर का लंगर ही हमारे जीवन के जहाज़ को जीवन के तूफानों में सुरक्षित रखता...
डर मत
क्या आपने किसी छोटे से बच्चे को किसी बड़े बच्चे को चिढ़ाते या सताते देखा है क्योंकि वह घमण्डी है और आकार में उससे बड़े है? एक ओर जब कि छोटा बच्चा दुख पाकर रोता है, पर दूसरी ओर वे सताना बन्द नहीं करते है वरण निर्दयी के समान अधिक...
और उजाला हो गया
एक खालीपन था और कुछ भी नहीं था.... पृथ्वी बेडौल और सुनसान पड़ी थी। और परमेश्वर ने कहा...। उसने केवल मुख से कहा था, “उजियाला हो जाए” परमेश्वर ने केवल कुछ वचन ही बोले थे और उन चीज़ों ने एक अस्तित्व धारण कर लिया था। जब कि पहले कुछ...
अन्दर से
साधारण रूप से हम यह समझते है कि इस पद का अर्थ यह है कि परमेश्वर उन लोगों के बहुत पास है जो मानसिक रूप से दुखी और टूटे हुए हैं। पर यदि ध्यान से देखें तो राजा दाउद ने यह भजन तब लिखा था जब उससे जीवन में एक पाप हो गया था, और उसने...
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